एलआईसी नई आधारशिला योजना नंबर 844

Aadhaarshila Yojna number 844|आधारशिला योजना नंबर 844  (By Insurancevidya)

Aadhaarshila Yojna number 844|आधारशिला योजना नंबर 844 मुख्य रूप से महिलाओं के लिए प्रस्तावित की गई योजना है ।एलआईसी ने वर्ष 2017 में 2 जीवन बीमा योजनाएं शुरू की हैं ,जिसमें से एक है आधारशिला और दूसरी है आधार स्तंभ । आधार स्तंभ पुरुषों के लिए और आधारशिला महिलाओं के लिए शुरू की गई है । इस अध्याय में हम आधारशिला के बारे में बात करेंगे। आधारशिला के अंतर्गत बाजार का जोखिम नहीं है ।इसमें लाभ के साथ साथ बोनस की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है। इस योजना की प्रारंभिक तिथि 24 अप्रैल 2017, टेबल नंबर 844, यूआईएन नंबर 512N309V01 है । यह एक प्रकार का एंडोमेंट प्लान है । इस योजना को लेने के लिए यूआईडीएआई द्वारा जारी आधार कार्ड अनिवार्य है।


एलआईसी आधारशीला जीवन बीमा योजना के आवश्यक तत्व(Key Features of Aadhaarshila Yojna number 844)

  • इस योजना के लिए न्यूनतम बीमा राशि ₹75000 और अधिकतम ₹300000 होनी चाहिए ।
  • इस योजना के लिए न्यूनतम पॉलिसी अवधि 10 वर्ष और अधिकतम 20 वर्ष होनी चाहिए।
  • इस योजना के प्रवेश पर न्यूनतम आयु 8 वर्ष और अधिकतम 55 वर्ष होनी चाहिए।
 

एलआईसी आधारशिला के लाभ(Benefits of Aadhaarshila Yojna)

 

1. मृत्यु लाभ(Death Benefits of Aadhaarshila yojna)
 अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु पॉलिसी प्रारंभ होने के 5 वर्ष के भीतर हो जाती है, तो नामांकित व्यक्ति को बीमा राशि का 110%दिया जाएग। । अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु पॉलिसी लेने के 5 वर्षों के बाद परिपक्वता से पहले होती है ,तो उसके नॉमिनी को बीमा राशि का 110% + लॉयल्टी एडिशन दिया जाएगा ।
 
2. परिपक्वता लाभ (Maturity Benefits)
यदि पॉलिसी धारक पूरी पॉलिसी अवधि तक जीवित रहता है और उसने पूरे प्रीमियम का भुगतान किया है , तो उसे मैच्योरिटी अर्थात परिपक्वता लाभ मिलने पर बीमित रकम के साथ लॉयल्टी एडिशन अगर कुछ है , तो उसका भी भुगतान किया जाता है और पॉलिसी धारक को बीमा की राशि और लाभ दोनों ही मिलता है।
 
3. ऑटो कवर लाभ ( Auto Cover Benefit)
ऑटो कवर लाभ अर्थात बिना प्रीमियम दिए पूरा जीवन बीमा मिलता है। अगर पॉलिसी धारक ने प्रीमियम का भुगतान नहीं किया है, परंतु 3 वर्षों तक प्रीमियम दिया है और भुगतान की तारीख के छह महीने के अंतर्गत पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है ,तो जो भी पॉलिसी धारक का नॉमिनी होगा । उस व्यक्ति को पूरी बीमा की रकम दी जाएगी । अगर 5 वर्षों तक दिया जाता है ,तो अगले 2 वर्षों तक मृत्यु के पश्चात पूरा मृत्यु लाभ मिलेगा ।
 
4. कर लाभ (Tax Benefits)
इसमें सेक्शन 80c के अंतर्गत कर लाभ मिलता है। परिपक्वता के समय मिलने वाली राशि और मृत्यु के समय मिलने वाली राशि कर मुक्त होती है।
 
5. लॉयल्टी एडिशन (Loyalty Additions )
अगर पॉलिसी धारक अपनी पॉलिसी में 5 वर्ष तक जीवित रहता है और वह अपने सारे प्रीमियम का भुगतान करता है, तो इस योजना के अंतर्गत अगर पॉलिसी धारक की पॉलिसी अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है या परिपक्वता के समय पर मृत्यु हो जाती है ,तो वह लॉयल्टी एडिशन पाने के योग्य होता है। उसको लॉयल्टी किस दर के हिसाब से मिलेगी । यह घोषणा एलआईसी द्वारा की जाती है। अगर पॉलिसी धारक की पॉलिसी पेड अप पॉलिसी में बदल चुकी है ,तो उसे लॉयल्टी एडिशन मिलेगा।परंतु यह उतना ही मिलेगा कितनी अवधि तक वह पॉलिसी में बना हुआ था ।
 

आवश्यक दस्तावेज(Required Documents)

 

  • पहला प्रीमियम भरने के लिए चेक या कैश (Cheque or Cash to pay the first Premium)
  • पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ( Passport Size Photograph)
  • वैद्य पते का सबूत(Valid Address Proof)
  • जन्म प्रमाण की तिथि(Date Of Birth Proof)
  • वैद्य आय का प्रमाण(Proof Of Valid Income)
  • वैद्य पहचान पत्र(Valid Identity Card)
  • योजना के प्रस्ताव का विविध भरा हुआ और हस्ताक्षर किया हुआ फार्म(Miscellaneous Filled And Signed Form Of Proposal Of Scheme)
  • चिकित्सक परीक्षण(Medical Examination)

एलआईसी आधारशिला योजना के अंतर्गत कुछ अन्य एवं महत्वपूर्ण शर्तें (Some Other and Important Terms)

 
1. रिवाइवल (पुनर्जीवन)(Revival)
पॉलिसी धारक की पॉलिसी जो बंद हो गई है और पेड पर चल रही है। ऐसी पॉलिसियों को हम फिर से पुनर्जीवित अर्थात रिवाइव कर सकते हैं, परंतु इन्हें पुनर्जीवित आखिरी भरे हुए प्रीमियम से 2 वर्ष के अंतर्गत ही किया जा सकता है।
 
2. ग्रेस पीरियड( Grace Period)
ग्रेस पीरियड अर्थात अतिरिक्त समय । यदि कोई पॉलिसी धारक अपनी पॉलसी पर प्रीमियम पे नहीं कर पा रहा है, तो उसे एलआईसी द्वारा प्रीमियम भुगतान करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय दिया जाए । इस अतिरिक्त समय को ही ग्रेस पीरियड कहा जाता है । इसके अंतर्गत दो तरह के प्रीमियम के भुगतान के लिए अतिरिक्त समय दिया जाता है । एक समय 30 दिन का तथा दूसरा समय 15 दिन का होता है । 15 दिन का समय मासिक तौर पर जो प्रीमियम का भुगतान करते हैं उन्हें दिया जाता है , जबकि 30 दिन का अतिरिक्त समय वार्षिक, छमाही और तिमाही रूप पॉलिसी धारक प्रीमियम का भुगतान करते हैं उन्हें दिया जाता है ।
 
3. फ्री लुक पीरियड(Free-look Period)
अगर कोई पॉलिसी धारक अपनी पॉलिसी से अर्थात इस योजना से खुश नहीं है , तो वह 15 दिन के अंतर्गत इस योजना को रद्द करवा सकता है ।  इस अवधि को ही फ्री लुक पीरियड कहा जाता है। योजना के रद्द होने के बाद बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ही प्रीमियम को लौटा दिया जाता है।
 
4. लोन(Loan)
 इस योजना के तहत लोन का लाभ तभी उठा सकते हैं ,जब पॉलिसी ने सरेंडर मूल्य प्राप्त कर लिया हो । वित्तीय वर्ष 2016-17 में ब्याज दर 10% है ,जबकि लोन पर भरे जाने वाले ब्याज के दर की गणना निश्चित अंतराल पर एलआईसी द्वारा की जाती है ।
 
5. सरेंडर वैल्यू (Surrender Value )
सरेंडर वैल्यू अर्थात समर्पण मूल्य अगर पॉलिसी धारक ने पॉलिसी के तहत 3 वर्ष तक प्रीमियम भरा है ,तो सरेंडर मूल्य लागू हो सकता है । पॉलिसी धारक जब चाहे तब अपनी पॉलिसी को सरेंडर कर सकता है और सरेंडर मूल्य को प्राप्त कर सकता है । पॉलिसी सरेंडर करने पर गारंटीड सेरेंडर वैल्यू और स्पेशल सेरेंडर वैल्यू में से जो भी अधिक होगा ,उसका भुगतान किया जाएगा ।
 
गारंटीड सरेंडर वैल्यू (Guaranteed Surrender Value)
स्पेशल सरेंडर मूल्य की गणना कंपनी द्वारा उसके भविष्य के प्रदर्शन के आधार पर की जाती है,जबकि गारंटीड सेरेंडर वैल्यू =( कुल प्रीमियम भुगतान का 30%)-( पहले वर्ष का प्रीमियम) ।
 
6. पेड अप मूल्य(Paid-up Value)

पॉलिसी बंद तब हो जाती है , जब ग्रेस पीरियड में प्रीमियम का भुगतान नहीं किया गया हो और अगर कम से कम 3 साल तक प्रीमियम का भुगतान किया गया है,तो वह पॉलिसी बंद न होकर पेड अप पॉलिसी में बदल जाती है ।पेड अप रकम का भुगतान मैच्योरिटी अर्थात परिपक्वता है या मृत्यु पर किया जाता है ।बीमित रकम को भुगतान की गई प्रीमियम और वास्तविकता प्रीमियम के अनुपात से कम किया जाता है और इस गणना से जो भी रकम मिलती है, उसमें बोनस को जोड़ दिया जाता है । इस प्रकार से इस पॉलिसी में मिलने वाली राशि के भुगतान की गणना की जाती है।

Aadhaarshila Yojna
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