LIC Jeevan Lakshya Policy | एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना (Table 833)

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना (Table 833)|LIC Jeevan Lakshya Policy (by insurancevidya)

LIC Jeevan Lakshya Policy/एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना 12 मार्च 2015 को प्रारंभ हुई । यह तालिका संख्या 833 के अंतर्गत एंडोमेंट प्रकार के प्रोडक्ट में आती है । इस योजना में बोनस की सुविधा भी उपलब्ध है । इसका यूआईएन नंबर 512N28 9V01 है ।प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार के भविष्य के लिए सुरक्षा चाहता है,इसलिए यही योजना इस सुरक्षा के लिए बहुत ही बढ़िया विकल्प है । इस योजना के अंतर्गत यदि पॉलिसी धारक की मृत्यु भी हो जाती है ,तो जीवन लक्ष्य पॉलिसी हर साल आए प्रदान करती है, जिससे की पॉलिसी धारक के परिवार को भविष्य में भी फायदा होता है । 

एलआईसी जीवन लक्ष्य प्लान मापदंड (Plan Criteria for LIC Jeevan Lakshya Policy)

प्रवेश की आयु18 से 50 वर्ष
प्रीमियम भुगतान विधि वार्षिक, अर्द्धवार्षिक, त्रैमासिक, मासिक
पॉलिसी अवधि13 से 25 वर्ष
प्रीमियम भुगतान अवधि ( प्लान अवधि 3) वर्ष
बीमा राशि ₹100000 असीमित (10000 के गुणको में)
प्रीमियम भुगतान मोड़ छूट2% वार्षिक, 1%अर्धवार्षिक, i80% तिमाही व मासिक
अधिकतम बीमा राशि छूट 0% 200000 तक, 2% 200000 से 490000 तक, 3% 500000 और इससे ऊपर
ऋण3 साल बाद
सरेंडर 3 साल बाद
रिवाइवलपॉलिसी बंद होने के 2 साल के अंदर
पॉलिसी मेच्योरिटी का समय अधिकतम आयु65 वर्ष
न्यूनतम मूल बीमित राशि ₹100000
अधिकतम बेसिक बीमा राशि ऊपरी सीमा नहीं
प्रीमियम भरने पर टैक्स बेनिफिट मिलता हैहा
परिपक्वता (मैच्योरिटी) के समय मिलने वाली राशि कर मुक्त हैहा
सीमित प्रीमियम भुगतान योजना इसका मतलब आप को प्रीमियम कम समय तक देना होगा और आपको कवर अधिक समय तक मिलेगा यह बीच के अंतर्गत सम्मिलित हैहा

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना के लाभ(Benefits )

1. मृत्यु लाभ(Death Benefits) – अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है,तो उसके नॉमिनी को मिलने वाली राशि  विवरण कुछ इस प्रकार से होगा । हर वर्ष बीमा राशि की 10% राशि मृत्यु के बाद उसके नॉमिनी को मिलती है । साथ ही पॉलिसी परिपक्वता होने पर 110% राशि जो की बीमा की राशि होती है । वह भी उसके नॉमिनी को मिलती है । इसके साथ बोनस भी दिया जाता है ।मृत्यु पर बीमित रकम+जमा हुआ सिंपल रिवजनरी बोनस + फाइनल एडिशन बोनस (कुछ है तो) का भुगतान एलआईसी द्वारा होगा ।

जीवन लक्ष्य योजना उदाहरण (Illustractions for LIC Jeevan Lakshya Policy)

अगर एक व्यक्ति जिसकी आयु 30 वर्ष है ,वह 25 वर्ष की पॉलिसी अवधि के लिए ₹500000 का जीवन लक्ष्य प्लान खरीदता है ,उसकी प्रीमियम भुगतान की अवधि 22 वर्ष( 25 वर्ष – 3 वर्ष) होगी। अगर 5 वर्ष पश्चात ही पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में पॉलिसी धारक के परिवार के छठे पॉलिसी वर्ष से 24 वे पॉलिसी वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 50,000 (500000 *10%) रुपए मिलेंगे ।

जब पॉलिसी मैच्योर होती है तो उस समय 5.5 लाख रुपए और साथ में बोनस भी मिलेगा । मान लीजिए पॉलिसी में ₹49 प्रति ₹1000 बीमा राशि के बोनस की घोषणा प्रत्येक वर्ष होती है ।

ऐसे में मैच्योरिटी के समय आप का बोनस हुआ 25* 5 लाख /1000 *49= 6.125 लाख रुपए । इसके अतिरिक्त मान लीजिए अंतिम अतिरिक्त बोनस ₹200 प्रति 1000 रुपए बीमा राशि है ।ऐसे में आप का बोनस 500000 *200/1000=1 लाख रुपए होगा ।

अतः कुल मिलाकर आपको 5.5 लाख रुपए + 6. 125 लाख रुपए + 1 लाख रुपए=12.63 लाख रुपए मिलेंगे ।

आपके परिवार को अगर 5 वर्ष पश्चात मृत्यु होती है, तो 6 वर्ष से 24 वर्ष तक प्रत्येक वर्ष ₹50000 और 25 वर्ष में पॉलिसी मेच्योरिटी के समय 12.63 लाखों रुपए मिलेंगे ।

2. परिपक्वता (मेच्योरिटी) लाभ(Maturity Benefits)- बीमित रकम का 110 % परिपक्वता ( Maturity) होने पर नॉमिनी को मिलता है ।

पॉलिसी मैच्योर (Mature) होने पर आपको निम्नलिखित राशि मिलेगी

बीमा राशि +निहित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस + अंतिम अतिरिक्त बोनस

3. बोनस (Bonus)- नॉमिनी को इसके अतिरिक्त इस सिंपल रिविजनरी बोनस और फाइनल एडिशन बोनस जो कि एलआईसी द्वारा घोषित किया जाता है, का भी भुगतान किया जाता है ।

इसके अंतर्गत यह बात ध्यान रहे कि नॉमिनी को जो भी मृत्यु लाभ दिया जाता है । वह अब तक भरे हुए प्रीमियम से 105% से कम नहीं होना चाहिए ।

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना की मुख्य विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं (Characteristics of LIC Jeevan Lakshya Policy)

– बोनस घोषणाओं में सहभागी होने के कारण यह योजना लाभ के भुगतान को बढ़ा देती है ।

– पॉलिसी अवधि के दौरान वार्षिक इंस्टॉलमेंट में और मैच्योरिटी तारीख पर लम सम के रूप में मृत्यु लाभ दिया जाता है ।

– इसके अंतर्गत आपको प्रीमियम एक सीमित अवधि तक ही देना होता है ।

– अगर आपको संकट के समय लोन की आवश्यकता है, तो इस योजना के तहत आपको यह सुविधा भी दी जाती है ।

– इस योजना के तहत आपके पास दो अतिरिक्त राइडर भी उपलब्ध हैं, जिससे कि आपको संपूर्ण रूप से सुरक्षा प्राप्त होती है ।यह दोनों राइडर कुछ इस प्रकार है :

दुर्घटना मृत्यु राइडर या दिव्यांग लाभ राइडर तथा न्यूट्रम एश्योरेंस राइडर ।

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना खरीदते समय कुछ आवश्यक दस्तावेज(Required Documents)

-पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ ।(Passport size Photograph)

– वैद्य पहचान पत्र ।(Valid Identity Card)

-प्रीमियम भरने के लिए चेक या कैश ।(Cheque or cash to pay the premium)

– वैद्य पते का सबूत ।(Valid Address Proof)

– वैद्य आय का प्रमाण ।(Proof of Valid Income)

– जन्म प्रमाण की तिथि ।(Date of Birth Proof)

– हस्ताक्षर किया हुआ फार्म ।(Signed Form)

-चिकित्सक परीक्षण ।(Medical Examination)

एलआईसी जीवन लक्ष्य योजना में अपवाद (Exclusions)

  • अगर पॉलिसी खरीदने के 12 माह के भीतर ही पॉलिसी धारक आत्महत्या कर लेता है,तो नॉमिनी को भरे हुए प्रीमियम का केवल 80 % राशि ही वापस मिलेगी ।
  • यदि पॉलिसी रिवाइवल के 12 माह के भीतर ही पॉलिसी धारक आत्महत्या कर लेता है, तो उसके मृत्यु तक के भरे हुए प्रीमियम या सरेंडर वैल्यू का 80 %दोनों में से जो ज्यादा होगा वह राशि नॉमिनी को मिलेगी ।
  • अगर दुर्घटना मृत्यु राइडर और दिव्यांग लाभ राइडर लिया जाता है ,तो मृत्यु का कारण स्वयं से पहुंचाई हुई क्षति, युद्ध, दंगे, आत्महत्या, सामाजिक हंगामा, अपराधिक कार्य, रक्षा संचालन, पुलिस की गतिविधियों से खतरनाक गतिविधियों में भागीदारी से, शराब, नशीली दवाओं के उपयोग के कारण या किसी भी प्रकार की दुर्घटना के 180 दिनों के पश्चात होने वाली परेशानियों से मृत्यु होती है ,तो राइडर को किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिलेगा ।

एलआईसी जीवन योजना को खरीदते वक्त ध्यान रखने योग्य बाते(Things to keep in mind while buying LIC LIC Jeevan Lakshya Policy)-

कंपनी के बिचौलियों अर्थात एजेंट या ब्लॉक कर के द्वारा इस ऑफलाइन योजना को खरीदा जा सकता है । एन आर आई (अनिवासी भारतीय) इस योजना में निवेश नहीं कर सकते हैं। ऑफलाइन योजना के अतिरिक्त इसे कंपनी की किसी भी शाखा में जाकर यह कंपनी की किसी भी अधिकारी के माध्यम से भी खरीदा जा सकता है । यह सुविधा भी इसके अंतर्गत सम्मिलित है ।

अगर आप एलआईसी की जीवन लक्ष्य योजना में प्रीमियम का भुगतान रोक देते हैं तो क्या होता है?

1. ग्रेस पीरियड(Grace Period)- इसके अंतर्गत आपको जो भी प्रीमियम भरना होता है ,वह आपको तय तारीख पर देना होता है । अगर किसी कारण से आप बकाया प्रीमियम समय पर नहीं दे पाते हैं ,तो उसके लिए आपको अतिरिक्त समय भी दिया जाता है । यह समय केवल अथवा वार्षिक छह माही माही मोड़ पर जो पॉलिसी धारक प्रीमियम का भुगतान करते हैं । उनके लिए 30 दिन का समय अतिरिक्त दिया जाता है । इसके साथ ही मासिक प्रीमियम भरने वालों को सिर्फ 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाता है ।

2. पेड-अप मूल्य(Paid-up Value)- जब ग्रेस पीरियड के समय प्रीमियम का भुगतान नहीं होता है, तो पॉलिसी बंद हो जाती है, परंतु अगर कम से कम 3 वर्षों के लिए प्रीमियम को अदा कर दिया जाता है ,तो वह पेड-अप पॉलिसी में रूपांतरित हो जाती है। पेड अप पॉलिसी में जिस राशि का भुगतान किया जाता है । उसकी गणना इस प्रकार से की जाती है -बीमित रकम के भुगतान की गई प्रीमियम और वास्तविक देय प्रीमियम के अनुपात से कम किया जाता है ,गणना के पश्चात जो भी राशि मिलती है उसमें जमा हुआ बोनस जोड़ दिया जाता है ।यहां पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि पेड – अप पॉलिसी के अंतर्गत भविष्य में मिलने वाला बोनस नहीं जोड़ा जाता है ।

मृत्यु पेड-अप बीमा रकम = कम हुए बीमित रकम का 110%+कम हुआ बीमित रकम का 10 % (आय लाभ) ।

परिपक्वता पेड अप बीमित रकम = मैच्योरिटी (परिपक्वता) पर बीमित रकम+ भरे हुए प्रीमियम की संख्या/कुल देय प्रीमियम की संख्या) ।

इसके अतिरिक्त अगर 3 वर्ष का प्रीमियम भरा है और पॉलिसी बंद हो जाती है, तो पॉलिसी बंद होने के 6 महीने के भीतर अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु हो गई है ,तो उसके नॉमिनी को उस साल का बकाया प्रीमियम काटकर बाकी पूरा मृत्यु लाभ मिलेगा ।

इसके अतिरिक्त अगर 5 वर्ष का प्रीमियम भरा है और पॉलिसी बंद हो गई है ,तो पॉलिसी बंद होने के 12 महीने के भीतर अगर पॉलिसी धारक की मृत्यु हो गई है, तो नॉमिनी को बकाया प्रीमियम काट कर पूर्व मृत्यु लाभ मिलेगा ।

3. फ्री लुक पीरियड (Free Look Period)- मान लीजिए पॉलिसी धारक इस योजना को खरीदने के पश्चात खुश नहीं हैं, तो वह इसे खरीदने के 15 दिन के भीतर ही रद्द करवा सकता है ।पॉलिसी रद्द करवाने के लिए पॉलिसी धारक को किसी भी प्रकार का खर्चा नहीं करना पड़ेगा बल्कि उसकी पूरी रकम उसको वापस मिल जाएगी।

4. रिवाइवल(Revival) – अगर कोई पॉलिसी बंद हो गई है और वह पॉलिसी पेड अप बेसिस पर है , तो उनको रिवाइव किया जा सकता है  ।यह प्रक्रिया पॉलिसी बंद होने के 2 साल के अंतर्गत ही की जा सकती है ।

5. सरेंडर वैल्यू(Surrender Value)- पॉलिसी धारक पॉलिसी को सरेंडर तब कर सकता है , जब उसने 3 साल तक प्रीमियम भरा हो और सरेंडर मूल्य को प्राप्त भी वह तभी कर सकता है । गारंटीड सरेंडर मूल्य या स्पेशल सरेंडर मूल्य इन दोनों में से जो भी अधिक होगा, वह पॉलिसी धारक को सरेंडर करने पर देय होगा  । स्पेशल सरेंडर मूल्य कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर निर्भर करता है और गारंटीड सरेंडर मूल्य=(गारंटीड सरेंडर मूल्य फैक्टर* कुल भरा हुआ प्रीमियम +बोनस का गारंटीड सरेंडर मूल्य फैक्टर * जमा हुआ बोनस) पर निर्भर करता है ।

LIC Jeevan Lakshya Policy
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