एलआईसी न्यू जीवन आनंद पॉलिसी (टेबल नंबर 815) | LIC New Jeevan Anand Policy (Table No. 815)

 

न्यू जीवन आनंद पॉलिसी/New Jeevan Anand Policy (Table No. 815) (by insurancevidya)

 

एलआईसी न्यू जीवन आनंद पॉलिसी (टेबल नंबर 815) | LIC New Jeevan Anand Policy (Table No. 815)

यह योजना आपको एक ही समय में बचत के साथ-साथ सुरक्षा भी प्रदान करती है । इसे हम इसी कारण से ट्रेडिशनल योजना भी कहते हैं अर्थात इस प्लान में आपको निवेश और जीवन बीमा दोनों का ही लाभ मिलता है । इसके अंतर्गत रिस्क कवर पॉलिसी समय के बाद भी जारी रहता है । बोनस मिलने के अतिरिक्त इसमें यदि पॉलिसी अवधि समाप्त हो गई है और तत्पश्चात पॉलिसी धारक की मृत्यु हो जाती है , तो उसे मृत्यु लाभ का भुगतान किया जाता है । यह योजना 9 अक्टूबर 2013 को 815 तालिका संख्या के अंतर्गत, यूआईएन नंबर 512N279V01, एंडोमेंट तथा बोनस देने की सुविधा के साथ शुरू की गई है । इस पॉलिसी की तालिका कुछ इस प्रकार है-

नई जीवन आनंद पालिसी पात्रता के नियम(New Jeevan Anand Policy Eligibility Rules)

  • न्यूनतम प्रवेश आयु 18 साल ।
  • अधिकतम प्रवेश आयु 50 साल ।
  • न्यूनतम बेसिक बीमा राशि ₹100000
  • अधिकतम बेसिक बीमा राशि कोई सीमा नहीं ।
  • प्रीमियम भुगतान मासिक तिमाही अर्थ वार्षिक वार्षिक ।
  • लोन सुविधा 3 वर्ष बाद ।
  • पॉलिसी अवधि 15 से 35 साल ।
  • बच्चों की आयु अधिक से अधिक 75 वर्ष ।

नई जीवन आनंद पालिसी के लाभ(Benefits of New Jeevan Anand Policy)

1. परिपक्वता लाभ (Maturity Benefits)इसमें पॉलिसी धारक को मूल बीमित रकम+ जमा हुआ बोनस+ फाइनल एडिशन बोनस अगर है ,तो का भुगतान किया जाता है( एकत्रित साधारण प्रत्यावर्ती बोनस) ।

उदाहरण: अगर आपके पास ₹1000000 का बीमा है और एलआईसी आपकी पॉलिसी के ₹40 प्रति ₹1000 बीमा के बोनस की घोषणा करती है । ऐसे मैं आपको ₹40000(40*10 लाख/1,000=40,000) का बोनस मिलेगा । यह राशि आपको पॉलिसी मैच्योर होने पर ही मिलेगी। इस बोनस पर आपको कोई रिटर्न नहीं मिलेगा ।

2. अंतिम अतिरिक्त बोन (Final Additional Bonus)यह केवल उसी वर्ष मिलता है ,जब पॉलिसी मैच्योर हो रही हो या जिस वर्ष में धारक की मृत्यु होती है ।एलआईसी में बोनस मिलेगा जरूर यह निश्चित है , परंतु कितना मिलेगा यह एलआईसी के परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। अतः हर साल मिलने वाले घोषित बोनस की राशि बदल सकती है ।

3. मृत्यु लाभ (Death Benefits) – नॉमिनी को अगर मृत्यु पर बीमित रकम + जमा हुआ बोनस + फाइनल एडिशनल बोनस (अगर कुछ है तो)मिलता है ,अगर मृत्यु पॉलिसी अवधि के दौरान होती है तो ।

नॉमिनी को मूल बीमित रकम का भुगतान किया जाता है(मैच्योर आप का भुगतान पहले ही हो चुका है) – अगर मृत्यु पॉलिसी अवधि के बाद होती है तो ।

मृत्यु पर बीमित रकम का उपचुनाव कुछ इस प्रकार से किया जाता है :

  • 125 % मूल बीमित रकम का ।
  • 10 * वार्षिक प्रीमियम का ।
  • 105% मृत्यु तक भरे हुए प्रीमियम का ।
  • फाइनल एडिशनल बोनस मृत्यु होने या योजना के परिपक्व होने पर मिल सकता है, जबकि सिंपल रिवर्सनरी बोनस की घोषणा कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है ।
  • निवेश पर टैक्स लाभ प्रीमियम भुगतान के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत टैक्स लाभ मिलता है,परंतु परिपक्वता या मृत्यु के समय जो राशि मिलती है , पर किसी भी प्रकार का कोई भी टैक्स नहीं देना होता है ।

विशेषताएं (Characteristics of new jeevan anand policy)

  • पॉलिसी की अवधि पूरी होने के बाद प्रीमियम का भुगतान करना होता है ।
  • इस योजना में लोन लेने की सुविधा भी है ,अगर आप की न्यूज़ जीवन योजना सरेंडर मूल्य प्राप्त कर लेती है, तो एलआईसी जैसे ही बोनस की घोषणा कर देती है । वैसे ही इसमें लाभ के भुगतान को बढ़ा दिया जाता है ।
  • इसमें आपको अतिरिक्त दुर्घटना मृत्यु और दिव्यांग लाभ राइडर की भी सुविधा मिलती है।
  • इसमें प्रीमियम पर आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत छूट दी जाती है । इसमें डेढ़ लाख की छूट का अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है ।
  • परिपक्वता पर आयकर अधिनियम की धारा 10Dके तहत छूट दी जाती है ।
  • मृत्यु लाभ पर आयकर अधिनियम की धारा 10D के तहत छूट दी जाती है । क्लेम राशि की कोई सीमा नहीं होती ।

आवश्यक दस्तावेज(Required Documents)

  • पहला प्रीमियम भरने के लिए चेक या कैश ।(Cheque or cash to pay the first premium)
  • पासपोर्ट आकार का फोटोग्राफ ।(Passport Size Photograph)
  • वैद्य पते का सबूत ।(Valid Address Proof)
  • वैद्य आय का प्रमाण ।(Proof of Valid Income)
  • जन्म प्रमाण की तिथि ।Date of Birth Proof)
  • वैद्य पहचान पत्र ।(Valid Identity Card)
  • योजना के प्रस्ताव का विविध भरा हुआ और हस्ताक्षर किया हुआ फॉर्म ।(Miscellaneous Filled and Signed Form of Proposal of Scheme)
  • चिकित्सक परीक्षण ।(Medical Examination)

अपवाद(Exclusions)

  • अगर कोई व्यक्ति पॉलिसी खरीदने के 12 महीने के भीतर आत्महत्या कर देता है, तो भरे हुए प्रीमियम की 80 %का भुगतान ही उसके नॉमिनी को किया जाएगा ।
  • अगर कोई व्यक्ति पॉलिसी पुनर्जीवन के 12 महीने के भीतर आत्महत्या कर लेता है, तो भरे हुए प्रीमियम का 80% या सरेंडर मूल्य दोनों में से जो अधिक हो उसके नॉमिनी को दिया जाएगा ।

इसके अंतर्गत पॉलिसी सरेंडर पेड अप या रद्द करने पर

1. पेड अप मूल्य(Paid -up Value) – पॉलिसी पेड अप मूल्य में तब रूपांतरित होती है ,जब प्रीमियम का भुगतान कम से कम 3 वर्षों के लिए किया गया हो । इसमें बीमित रकम को भुगतान की गई प्रीमियम और वास्तविक देय प्रीमियम के अनुपात से कम किया जाता है और इस गणना से जो भी रकम मिलती है । उसमें जमा हुआ बोनस जोड़ा जाता है । इस तरह से पेड अप पॉलिसी में मिलने वाली राशि के भुगतान की गणना की जाती है । इसमें रकम का भुगतान एलआईसी द्वारा मैच्योरिटी (परिपक्वता) या मृत्यु पर किया जाता है । याद रहे इसमें भविष्य से मिलने वाला बोनस नहीं जोड़ा जाता है ।

2. समर्पण मूल्य(Surrender Value)- पॉलिसी धारक नहीं जब पॉलिसी के तहत पहले 3 वर्ष का प्रीमियम भरा है, तभी समर्पण मूल्य लागू होगा । जब पॉलिसी सरेंडर की जाती है , तो गारंटीड सेरेंडर वैल्यू और स्पेशल सेरेंडर वैल्यू में से जो भी अधिक है , उसका भुगतान किया जाता है ।

समर्पण मूल्य की गणना निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है :

गारंटीड सेरेंडर वैल्यू- (भुगतान किया हुआ कुल प्रीमियम *गारंटीड सरेंडर वैल्यू फैक्टर) +(जमा हुआ बोनस *बोनस का गारंटीड स्पेशल वैल्यू फैक्टर) ।

स्पेशल सेरेंडर वैल्यू की गणना कंपनी द्वारा उसके भविष्य के आधार पर की जाती है ।

3. फ्री लुक पीरियड(Free Look Period)- फ्री लुक पीरियड अर्थात अगर पॉलिसी धारक चाहे तो इस योजना को खरीदने के 15 दिन के अंतर्गत ही रद्द कर सकता है ।अगर योजना रद्द की गई हो तो किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं वापस किया जाएगा ।

कुछ सामान्य एवं उपयोगी प्रश्न(Some General and Important Questions)

1. अगर पॉलिसी धारक सरेंडर कर रहा है तो उसे क्या करना पड़ेगा?

अगर पॉलिसी धारक सरेंडर कर रहा है , तो उसे लिखित रूप से कंपनी को सरेंडर मूल्य के लिए सूचित करना पड़ेगा ।

2. मृत्यु क्लेम में नॉमिनी को डिस्चार्ज फॉर्म भरने के अतिरिक्त क्या-क्या देना होगा?

मृत्यु प्ले में नॉमिनी को डिस्चार्ज फॉर्म भरने के अतिरिक्त पॉलिसी धारक की मृत्यु का प्रमाण पत्र, नॉमिनी का पहचान पत्र, एनईएफटी फॉर्म, ओरिजिनल पॉलिसी डॉक्युमेंट, जन्म प्रमाण की तिथि की एक कॉपी, अगर दुर्घटना या अप्राकृतिक मृत्यु हुई है , तो उसका प्रूफ एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट देनी होंगी ।

3. इस योजना में कितना बोनस मिलता है?

इस योजना में बोनस केवल कंपनी के प्रदर्शन पर ही निर्भर करता है अर्थात बोनस की दर तय नहीं होती है ।

4. क्या लोन की सुविधा मिलती है?

हां , इस योजना में लोन की सुविधा मिलती है , परंतु कुछ नियमों के तहत ।

5. इस योजना में कितने प्रकार की छूट मिलती है?

इस योजना में मुख्यतः दो प्रकार की छूट मिलती है :-

1. उच्च बीमित रकम पर छूट ।

2. वार्षिक से छह माही प्रीमियम भरने पर छूट ।

 New Jeevan Anand Policy
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